School Time Change : प्रदेश में सर्दी ने अब आम जनजीवन के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को भी पूरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है। लगातार गिरता तापमान, सुबह के समय घना कोहरा और शीतलहर जैसे हालात को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव के साथ-साथ कक्षा 1 से 8वीं तक छुट्टियों का आदेश जारी कर दिया है। इस फैसले का सीधा असर लाखों छात्रों, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन पर पड़ा है।
पिछले कुछ दिनों से हालात ऐसे बन गए थे कि सुबह-सुबह बच्चों का स्कूल पहुंचना जोखिम भरा हो गया था। सड़कों पर दृश्यता बेहद कम, ठंडी हवाएं और तेज गलन छोटे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रही थी। इसी स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने मिलकर यह अहम निर्णय लिया है।
क्यों जरूरी हो गया स्कूल टाइम बदलना
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार न्यूनतम तापमान लगातार सामान्य से नीचे चल रहा है। सुबह 7 से 9 बजे के बीच कोहरे की वजह से विजिबिलिटी कई इलाकों में बेहद कम दर्ज की गई। ऐसे में छोटे बच्चों के साथ-साथ बड़े छात्रों के लिए भी स्कूल आना-जाना मुश्किल हो रहा था। अभिभावकों और स्कूलों की ओर से लगातार शिकायतें मिलने के बाद प्रशासन ने समय में बदलाव और छुट्टियों का फैसला लिया।

8वीं तक के छात्रों को मिली राहत
जारी आदेश के अनुसार कक्षा 1 से लेकर 8वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टियां घोषित की गई हैं। इन कक्षाओं के छात्रों को फिलहाल स्कूल नहीं बुलाया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस उम्र के बच्चे ठंड के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं और उन्हें शीतलहर से बचाना जरूरी है।
9वीं से ऊपर की कक्षाओं के लिए बदली टाइमिंग
जहां छोटे बच्चों को छुट्टी दी गई है, वहीं कक्षा 9 से 12वीं तक के छात्रों के लिए स्कूल बंद नहीं किए गए हैं, लेकिन उनकी टाइमिंग में बदलाव किया गया है। अब स्कूल पहले की तुलना में देर से शुरू होंगे, ताकि छात्रों को सुबह की कड़ाके की ठंड और कोहरे से राहत मिल सके। अलग-अलग जिलों में स्थानीय हालात के अनुसार समय तय किया गया है।
पढ़ाई पर असर को लेकर क्या कहा गया
शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। स्कूल खुलने के बाद अतिरिक्त कक्षाएं, संशोधित टाइम-टेबल या अन्य वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य है।
अभिभावकों और स्कूलों के लिए अहम निर्देश
अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए घर पर ही रखें और बिना जरूरत सुबह-शाम बाहर न भेजें। वहीं स्कूल प्रबंधन को आदेशों की सख्ती से पालना करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी तरह की जानकारी के लिए केवल शिक्षा विभाग या जिला प्रशासन के आधिकारिक आदेशों पर ही भरोसा करने को कहा गया है।
School Time Change को लेकर लिया गया यह फैसला साफ दिखाता है कि प्रशासन मौजूदा मौसम को लेकर पूरी तरह सतर्क है। 8वीं तक छुट्टियां और बाकी कक्षाओं की बदली हुई टाइमिंग बच्चों को ठंड से राहत देने के लिए जरूरी कदम माने जा रहे हैं। अब आगे का फैसला मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा और उसी के अनुसार नए आदेश जारी किए जाएंगे।